चिलबिला-सुलतानपुर रेलमार्ग पर पहली बार दौड़ा इलेक्ट्रिक इंजन

राहतः अब कम समय में प्रयागराज- अयोध्या का सफर
प्रतापगढ़। प्रयागराज और अयोध्या का सफर बेल्हावासियों के लिए अब आसान हो गया है। कम समय में इलेक्ट्रिक ट्रेन से जिले के लोग सफर पूरा कर सकते हैं। चिलबिला से सुलतानपुर के बीच विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद बुधवार को पहली बार इस रेलमार्ग पर इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ा। रेलवे ने इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाकर परीक्षण किया। परीक्षण सफल रहा। जल्द ही सीआरएस होने जा रहा है। सीआरएस के बाद इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
प्रयागराज से सुलतानपुर के बीच इलेक्ट्रिक लाइन का जाल बिछाने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था केईसी इंटरनेशन लिमिटेड कंपनी को मिला था। कार्यदायी संस्था ने दिसंबर माह में प्रतापगढ़-फाफामऊ के बीच कार्य पूरा करने के साथ इलेक्ट्रिक इंजन इस रेल मार्ग पर दौड़ाकर ट्रायल भी कर लिया था। संस्था के महाप्रबंध‌क संजीव कुमार सिंह, यमन्वयक वरूण रोहित, प्रोजेक्ट मैनेजर दीपक कुमार व टुटुल सिंघा राय और इंजीनियर विकाश यादव और अनुराग मिश्र की देखरेख में चल रहे इलेक्ट्रिककरण का कार्य पूरा हो गया। इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन को दौड़ाने के लिए बुधवार दोपहर सवा दो बजे ट्रेन को सजाया गया। प्रोजेक्ट मैनेजर ने नारियल तोड़ा और स्टेशन अधीक्षक त्रिभुवन मिश्र ने हरी झंडी दिखाकर इलेक्ट्रिक इंजन को ट्रायल के लिए चिलबिला वाया सुलतानपुर के लिए रवाना किया। इस मौके पर राजकुमार सिंह, महेंद्र कुशवाहा, विनोद, अभिषेक, विनय मौर्य, प्रणव राहा, श्री शांत पीप, दिनेश सिंह, वाणिज्य अधिकारी दिनेश सिंह, संजीव कुमार आदि लोग मौजूद रहे। स्टेशन अधीक्षक त्रिभुवन मिश्र ने कहा कि ट्रायल सफल रहा। अब सीआरएस होना है। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी तक सीआरएस होने की उम्मीद है। सीआरएस में सबकुछ ठीक ठाक मिला तो अयोध्या और संगमनगरी के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।

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