सात माह बाद फिर शुरू हुआ प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान

21 सौ गर्भवती महिलाओं का चिकित्सकों ने किया जांच और इलाज
जांच में तीन सौ महिलाए मिली एनिमिक तो 100 गर्भवती महिलाओं में हाई बीपी की शिकायत सीएमओ ने डीपीएम राजशेखर को सराहा
प्रतापगढ़। कोरोना काल के चलते प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान पर ब्रेक लग गया था। गर्भवती महिलाओं को बहुत दिक्कतें होने के बाद ही अस्पताल बुलाया जाता था। इससे उनका जांच और इलाज नहीं हो पाता था। इस समस्यां को देखते हुए फिर शासन ने अभियान की शुरूआत कर दिया। जिले में सोमवार को 21सौ महिलाओं का एमबीबीएस चिकित्सकों ने जांच और इलाज किया। इनमें तीन सौ महिलाएं एनीमिक मिली तो 120 महिलाओं का बीपी हाई था। कुल सात सौ महिलाओं का मुफ्त में अल्ट्रासाउंड ‌चिकित्सकों ने किया।
गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार की दिक्कतें न हो। समय-समय पर उनका जांच और इलाज होता रहे। इस लिए प्रदेश सरकार की ओर से प्रत्येक माह के नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन किया जाता है। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को चिंहित कर आशा बहू सीएचसी य फिर पीएचसी लेकर जाती है। जहां एमबीबीएस चिकित्सक उनका जांच और इलाज करते हैं। इस दौरान चिकित्सक मुफ्त में जहां यूरीन, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन और अल्ट्रासाउंड की जांच कराया जाता है। वहीं चिकित्सक सहीं सलाह देने के साथ उन्ळें मुफ्त में दवा देकर घर भेज देते हैं। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड पर गौर किया जाए तो शासन के आदेश पर जिले भर के सीएचसी और पीएचसी के एमबीबीएस चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं का मुफ्त में जांच कराया। इलाज किया। दवा मुहैया कराकर घर भेज दिये। बताया जा रहा है कि कुल 21 सौ महिलाओ का जांच हुआ। तीन सौ गर्भवती महिलाएं खून की कमी से जूझ रही है। 120 महिलाओं का बीपी आई पाया गया। सात सौ महिलाओं का अल्ट्रासाउंड हुआ। हालाकि इनमें से महज सात महिलाओं को ग्लोकोज चढ़ाने के बाद चिकित्सकों ने घर भेजा। प्राइवेट अस्पताल संचालकों ने शासन के इस अभियान में जरा सा भी रुचि नहीं दिखाया। इस मामले में सीएमओ डॉक्टर एके श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि चिंहित गर्भवती महिलाओं को लेकर आशा बहू आई थी। जहां पर अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था नहीं थी वहां के नजदीकी सेंटर पर महिलाओं को भेजकर जांच कराया गया। उधर सीएमओ ने सुचारू रूप से इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने वाले डीपीएम को सम्मानित किया।

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