परम सत्य की ओर

जिसने कभी परम सत्य को जाना नहीं, जिसने कभी उस आत्म स्वरूप को पहचाना नहीं।जिसके लिए आत्मा और परमात्मा केवल शास्त्रों के सब्द हैं। यह सत्य कभी जीवन की अनुभूति … Read More